मेरे पापा -कवि अनिल कुमार अमरपुरा,पापा पर कविता जुलाई 30, 2019 मेरी मंजिल के रास्ते पर, जो दिख रही सफाई है! सच बताऊं, मेरे पापा ने वहां सालों से झाड़ू लगाई है!! मत देखो मेरे कदमों के छालों को, जीता हूं जो मैं जिंदगी की ये दौड़, सच बताऊं, वो दौड़ भी मेरे पापा ने लगाई है!! कवि- अनिल कुमार अमरपुरा Read more »
तो क्या गाय को राक्षस मान रहे है बलवान पूनिया व जयदीप डूडी?जानिए गौहत्या पर उनकी क्या है राय जुलाई 25, 2022 Read more »
इस शख्स ने बलवान पूनियां से कहा कि गरीब किसान का मजाक मत उड़ाओ विधायक जी!भड़क गए बलवान पुनिया नवंबर 30, 2020 Read more »